इमली (Imli) के फायदे और स्वाद से सभी परिचित होंगे। खाने में इमली भले ही खट्टी लगती हो, लेकिन सबको बहुत अच्छी लगती है। आमतौर पर लोग इमली की चटनी बनाते हैं और बहुत पसंद से खाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि इमली के सेवन से शरीर को अनेक फायदे होते हैं? क्या आप जानते हैं कि इमली के प्रयोग से कई रोगों की रोकथाम की जा सकती है? इस लेख में आप इमली सेहत के लिए कितना लाभदायक है (Imli ke Fayde) इसके बारे में विस्तार से पढ़ सकते हैं।
आयुर्वेद में इमली के फायदे एक-दो नहीं बल्कि बहुत सारे बताए गए हैं, और सबसे अच्छी बात यह है कि इस लेख में इमली के फायदे बहुत ही आसान तरीके से आपकी भाषा (tamarind in hindi) में समझाए गए हैं। अगर आपको इमली (emli) के गुण की पूरी जानकारी नहीं है तो आइए जानते हैं।
इमली क्या है? (What is Tamarind or Imli in Hindi?)
इमली एक आहार है, लेकिन इसका इस्तेमाल एक औषधि के रूप में भी किया जाता है। कच्ची इमली एसिडिटी, वात-पित्त रोग और खून से संबंधित विकार में फायदेमंद होती है तो पकी इमली पाचनतंत्र, कफवात विकार में लाभ पहुंचाती है। इमली के फूल से भी अनेक रोगों का उपचार किया जा सकता है। इमली के वृक्ष (imli tree) बड़े-बड़े और छायादार होते हैं। इसके साथ ही Imli ke Fayde अनेक हैं।
इमली के 10 फायदे और उपयोग (Imli Benefits and Uses in Hindi)
इमली (Imli ke Fayde) के औषधीय प्रयोग
1. इमली के फायदे से सिर दर्द का इलाज (Imli ke Fayde for Headache in Hindi)
सिर दर्द से आराम पाने के लिए 10 ग्राम इमली को एक गिलास पानी में भिगो दें। इसे मसलकर छान लें। इसमें चीनी मिलाकर पीने से पित्तज विकार के कारण होने वाला सिर दर्द ठीक हो जाता है।
2. बालों के झड़ने में इमली के फायदे (Imli is Beneficial in Hair Loss in Hindi)
इमली का प्रयोग बालों के लिए फायदेमंद हो सकता है क्योंकि एक रिसर्च के अनुसार बालों में कुछ ऐसे तत्त्व पाए जाते है जिनकी कमी से बालों का झड़ना शुरू हो जाता है। इमली का सेवन इनकी कमी को दूर कर बालों का झड़ना कम करती है।
3. खून की कमी (इमली) में इमली के औषधीय गुण से लाभ (Imli Benefits for Anemia in Hindi)
खून के कमी में इमली का सेवन फायदेमंद हो सकता है क्योंकि इसमें आयरन पाया जाता है जो कि हीमोग्लोबिन को बढ़ा कर खून की कमी को दूर करती है।
4. वजन कम करने में इमली के फायदे (Tamarind is Beneficial in Weight Loss in Hindi)
इमली का सेवन वजन को कम करने में फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि इसमें रेचन यानि लैक्सटिव का गुण पाया जाता है जो कि शरीर के गन्दगी को दूर करता है जिससे अनावश्यक रूप से बढ़ रहे वजन को रोकने में मदद मिलती है।

5. मुंह के छाले में इमली से लाभ (Tamarind Health Benefits for Mouth Ulcers Treatment in Hindi)
इमली को पानी में डालकर, अच्छी तरह मसल कर छान लें। इससे कुल्ला करने से मुंह के रोग जैसे छालों की समस्या में लाभ होता है।

6. खांसी में इमली के सेवन से लाभ (Benefits of Tamarind in Fighting with Cough in Hindi)
इमली (tamarid) के फल की त्वचा 1 भाग, हल्दी 2 भाग, सर्जरस 3 भाग एवं पुनर्नवा 1 भाग तथा नौ भाग जाति के पत्ते को पीसकर बत्ती बना लें। इसका धूमपान करने से खांसी में लाभ होता है।
7. पेचिश में इमली के फायदे (Imli Uses to Stop Dysentery in Hindi)
इमली की पत्तियों के रस में, लाल किए हुए लोहे को बुझा लें। इसे छानकर 5-10 मिली की मात्रा में दिन में 3-4 बार लें। इसे कुछ दिनों तक सेवन करने से पेचिश में लाभ होता है।
8. छाती की जलन में इमली के सेवन से लाभ (Tamarind Health Benefits for Chest Burn in Hindi)
सीने की जलन होने पर मिश्री के साथ इमली का शर्बत बनाकर पीने से लाभ होता है। बेहतर उपाय के लिए किसी आयुर्वेदि चिकित्सक से जरूर परमार्श लें।
9. इमली के औषधीय गुण से पेट दर्द का इलाज (Benefits of Tamarind to Treat Abdominal Pain in Hindi)
इमली की छाल को सेंधा नमक के साथ एक मिट्टी के बरतन में रखे। इसमें पानी मिलाकर भस्म बना लें। 125 मिग्रा भस्म में शहद मिलाकर सेवन करने से पाचनतंत्र की बीमारी और पेट दर्द ठीक होते हैं।

10. इमली के औषधीय गुण से दस्त पर रोक (Tamarind Fruit Benefits to Stop Diarrhea in Hindi)
- इमली (imly) के पत्तों के 5-10 मिली रस को थोड़ा गर्म करके पिलाने से भी दस्त पर रोक लगती है।
- इमली के 15 ग्राम बीज के छिल्के, 6 ग्राम जीरा और मीठा हो जाने लायक ताड़ की चीनी लें। इन तीनों को महीन पीसकर तीन-तीन, चार-चार घण्टे के अंतर पर सेवन करें। इससे दस्त की गंभीर समस्या भी ठीक हो जाती है।
- इसी तरह 3-6 ग्राम इमली बीज मज्जा चूर्ण को पानी के साथ सुबह और शाम सेवन करें। इससे दस्त में लाभ होता है।

इमली का इस्तेमाल कैसे करें? (How to Use Imli in Hindni?)
इमली (tamarid) से सेवन की मात्रा ये होनी चाहिएः
- फल- 4-30 ग्राम
- बीज का चूर्ण- 1-3
यहां इमली से होने वाले सभी लाभ को आसान और आपके समझने वाली भाषा (tamarind in hindi) में लिखा गया है। इसलिए आप इमली का उपयोग कर पूरा फायदा ले सकते हैं, लेकिन किसी रोग का इलाज करने के लिए इमली का उपयोग की जानकारी किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से जरूर लें।
FAQ
कौन सी बीमारी होने पर इमली खानी चाहिए?
कच्ची इमली एसिडिटी, वात-पित्त रोग और खून से संबंधित विकार में फायदेमंद होती है तो पकी इमली पाचनतंत्र, कफवात विकार में लाभ पहुंचाती है। इमली के फूल से भी अनेक रोगों का उपचार किया जा सकता है। इमली के वृक्ष (imli tree) बड़े-बड़े और छायादार होते हैं। इसके साथ ही Imli ke Fayde अनेक हैं।
पुरुषों के लिए इमली के क्या फायदे हैं?
इमली की बीजों को पानी में कुछ दिन भिगोकर छिलका उतार दें। छिलके निकले सफेद बीजों को सुखाकर बारीक चूर्ण बनाकर रख लें। इसे एक चम्मच की मात्रा में दिन में तीन बार दूध के साथ सेवन करने से वीर्य का पतलापन दूर होता है।
इमली कैसे खानी चाहिए?
इमली का सेवन इस तरह से किया जा सकता हैः
छाल, पत्ते ,फूल, फल, बीज
इमली से सेवन की मात्रा ये होनी चाहिएः-
फल- 4-30 ग्राम
बीज का चूर्ण- 1-3
मुझे रोजाना कितनी इमली खानी चाहिए?
इमली से सेवन की मात्रा ये होनी चाहिएः-
फल- 4-30 ग्राम
बीज का चूर्ण- 1-3
Disclaimer :प्रिय पाठकों यह आर्टिकल केवल सामान्य जानकारी और सलाह देता है. यह किसी भी तरह से चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. इसलिए अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी अपने चिकित्सक से परामर्श जरूर करें. krushnali.com इस जानकारी के लिए जिम्मेदारी का दावा नहीं करता है.